IDBI Bank के शेयरधारकों के लिए खुशखबरी या टेंशन? LIC को मिला पब्लिक शेयरहोल्डर का दर्जा

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IDBI Bank में बड़ी डील का रास्ता साफ, LIC को मिला पब्लिक शेयरहोल्डर का दर्जा

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IDBI Bank news in hindi : भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) को मार्केट रेगुलेटर SEBI से एक अहम राहत मिली है। अब LIC को IDBI Bank में प्रमोटर नहीं, बल्कि पब्लिक शेयरहोल्डर के तौर पर मान्यता दी जाएगी। यह कदम बैंक की रणनीतिक हिस्सेदारी बिक्री (Strategic Sale) को तेज करने वाला माना जा रहा है।

पहले प्रमोटर, अब सिर्फ निवेशक

साल 2019 में जब LIC ने IDBI Bank पर नियंत्रण लिया था, तब उसे प्रमोटर शेयरहोल्डर का दर्जा मिला। इस स्थिति में LIC को बैंक के बोर्ड में प्रतिनिधित्व और नीतिगत फैसलों पर सीधा असर रखने का अधिकार था। लेकिन अब SEBI की मंजूरी के बाद LIC की भूमिका सिर्फ एक वित्तीय निवेशक तक सीमित हो जाएगी।

SEBI ने लगाई शर्तें

SEBI की मंजूरी कुछ महत्वपूर्ण शर्तों के साथ आई है—

  • LIC अब बैंक के बोर्ड में हिस्सा नहीं ले सकेगा।
  • बैंक के संचालन पर उसका कोई नियंत्रण नहीं रहेगा।
  • वोटिंग अधिकार सिर्फ 10% तक सीमित रहेंगे।
  • अगले दो सालों में LIC को अपनी हिस्सेदारी 15% या उससे कम करनी होगी, जबकि फिलहाल यह 45% से ज्यादा है।

सरकार और LIC बेचेंगे 60% से अधिक हिस्सेदारी

फिलहाल सरकार के पास 45.48% और LIC के पास 49.24% हिस्सेदारी है। दोनों मिलकर IDBI Bank में कुल 60.7% हिस्सेदारी बेचने की तैयारी कर रहे हैं। यह योजना 2022 में शुरू हुई थी, और अब इसे आगे बढ़ाने की कवायद तेज हो गई है।

  • सरकार ने ड्यू डिलिजेंस प्रक्रिया पूरी कर ली है।
  • अक्टूबर से दिसंबर 2025 के बीच फाइनेंशियल बिड्स मंगाने की योजना है।
  • संभावित खरीदारों की लिस्ट में दुबई का Emirates NBD बैंक और कनाडा के अरबपति प्रेम वत्स जैसे बड़े नाम शामिल हैं।

वित्त मंत्रालय और DIPAM (विनिवेश एवं सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग) का लक्ष्य है कि इस बिक्री को मौजूदा वित्त वर्ष में ही पूरा कर लिया जाए।

शेयर बाज़ार पर असर

पिछले शुक्रवार को IDBI Bank का शेयर 2.75% टूटकर ₹94.90 पर बंद हुआ।

  • बीते एक महीने में स्टॉक लगभग 1.9% गिरा है।
  • लेकिन साल 2025 की शुरुआत से अब तक यह शेयर करीब 25% की तेजी दिखा चुका है।
  • वर्तमान में बैंक का मार्केट कैप लगभग ₹1.02 लाख करोड़ है।

क्या मतलब है निवेशकों के लिए?

LIC का पब्लिक शेयरहोल्डर बनना और सरकार का 60% हिस्सेदारी बेचने का फैसला, दोनों ही घटनाएं इस बात का संकेत देती हैं कि आने वाले समय में IDBI Bank की कमान निजी हाथों में जा सकती है। इससे बैंक की मैनेजमेंट स्टाइल, बिजनेस स्ट्रेटेजी और ग्रोथ ट्रैजेक्टरी में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर कोई मजबूत विदेशी या घरेलू निवेशक बैंक में प्रवेश करता है तो IDBI Bank की वैल्यूएशन और भी मजबूत हो सकती है।

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